मुस्लिम वोटर को सन्देश।
मुस्लिम वोटर को सन्देश।
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जो लोग मुस्लिम कयादत को खड़ा करने की कोशिश में हैं उन लोग को बताना चाहता हूं की खड़ा उसको किया जा सकता है जो खुद भी खड़ा होने की हिम्मत और कोशिश करे वरना कोई भी ताकत किसी को खड़ा नही कर सकती है।
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मुस्लिम कयादत को खड़ा करने के लिए हम लोग कई सालों से कोशिश करते रहें हैं और 5 नवम्बर से 17 नवंबर तक भूखे प्यासे लखनऊ में बैठे थे और AIMIM की तरफ से मां बहन की गाली मिली और मरने की धमकी देकर ऑफिस से बाहर निकाला गया।
यह शेयर ओवैसी के लिए है।
ज़रूरत तोड़ देती है गुरूरे बे-नियाजी को,
ना होती कोई मजबुरी तो हर बन्दा खुदा होता.
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मुस्लिम कयादत और वर्कर को शिकायत है की दूसरी पार्टियां हम को हिस्सा नही देती हैं मैं उनको बताना चाहता हूं की राजनीति में कोई किसी को नही देता है बल्कि खुद को हासिल करना होता है और मुस्लिम कयादत कौम का हिस्सा दिलाने की सलाहियत नही रखती है।
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मुस्लिम कौम को हिस्सा दिलाने के लिए तीन तरह का मसौदा लेकर हम लोग कोशिश कर रहे थे और उस से कौम का हिस्सा कौम के दरवाजे पर चल कर आता।मगर हम ने देखा की मुस्लिम कयादत को अपनी कौम का हिस्सा लेने की फिकर नही है बल्कि इनको खुद का हिस्सा लेने की फिकर है।
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तू इधर उधर की न बात कर,ये बता कि क़ाफ़िला क्यूँ लुटा?
मुझे रहज़नों से गिला,नहीं तिरी रहबरी का सवाल है।
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मुसलमानों किसी दूसरे के नाम पर मातम मत करो बल्कि अपनी कयादत की नालायेकी पर मातम करो।
इस्माईल बाटलीवाला
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